पार्थ सारथी मंदिर से पहले एक रथ भी रखा हुआ था बिलकुल मंदिर का प्रतिरूप जिसे देखकर लग रहा था कि इससे रथयात्रा निकलती होगी और ये साल में एक बार काम आता होगा । मंदिर के बाहर फूल मालाये और तुलसी के पत्तो की मालाये बिक रही थी क्योंकि विष्णु जी को तुलसी प्रिय बतायी जाती है ।
![]() |
पार्थ सारथी मंदिर के बाहर खडा रथ |
अगले दिन सोकर सब देर से उठे लगभग आठ बजे । आज हमें केवल तिरूपति से चेन्नई जाना था जो सौ किलोमीटर के लगभग है और तीन घंटे का रास्ता है । यहां जाने के लिये हमने होटल वाले से जानकारी की तो उसने बताया कि काफी पैसेंजर ट्रेन जाती है यहां से पर ट्रेन में जाने के लिये मा0 जी तैयार नही थे क्योंकि भीडभाड में हम लोग सामान के साथ कैसे घुस सकते थे और फिर तीन घंटे तक वो बुजुर्ग होने के कारण खडे भी नही रह सकते थे वो तो कल मंदिर में भी ये पता नही था कि छह घंटे लगेंगें नही तो वेा कतई नही जाते । खैर हम सब लोग अपना सामान लेकर बस स्टैंड पर आ गये । यहां से बस में तो कोई सीट ना मिलने का प्रश्न ही नही था । यहां की बस सर्विस काफी बढिया है और बसो की कंडीशन भी । उस बस में टीवी भी लगा था जो चलने से पहले तक चल रहा था और जैसे ही बस चली वो बंद हो गया और चेन्नई तक बंद ही रहा
SOUTH INDIA TOUR-
- Khandala , lonavala , mumbai ,maharashtra , पुणे से खंडाला एवं दिल्ली वापसी
- Goa beach resorts and cruise tour in goa ,one day tour
- Goa , water sport , Dolphin watching ,places to visit ,
- Bangalore , places to see , Lal bagh ( garden)
- vrindavan garden mysore ,वृंदावन गार्डन , मैसूर
- mysore palace timing , lighting images , मैसूर पैलेस 90 हजार बल्बो से सजा हुआ
- Zoo in mysore , timing , photos
- ooty botnical garden , tea factory , tea making , tamilnadu , india
- ooty tourist places to visit , doddabetta hill ,
- chamunda devi maa temple , mysore ,chamundi hill ,Karnataka
- kodaikanal ,कोडाईकनाल
- top station ,टाप स्टेशन मुन्नार
- munnar, Mattputty dam, echo point ,मुन्नार , मटटापुटटी डैम , ईको प्वांइट, केरल
- munnar ,मुन्नार के रास्ते , झरने और चाय बागान
- thekkady,kerala , south india थेक्कडी , केरल , दक्षिण भारत
- madurai, meenakshi temple. मदुरै , मीनाक्षी मंदिर ,दक्षिण भारत
- kovlam beach,Keral ,कोवलम बीच , केरल
- back water tour,बैक वाटर टूर
- padamnabham palace ,पदमनाभम पैलेस
- vivekanand rock ,kumari temple and sunset कन्याकुमारी , विवेकानन्द स्मारक,सूर्यास्त व कुमारी मंदिर
![]() |
और रथ के पास हम दोनो |
चेन्नई जिसे कि हम पहले मद्रास के नाम से जानते थे तमिलनाडु की राजधानी है और दक्षिण भारत का एक प्रमुख शहर है नाम बदल भले गया है पर जैसे मुहावरा है कि हिंदु , मुस्लिम , सिख , ईसाई इसी तरह चार नाम शुरू से रट रहे है दिल्ली ,बंबई (अब मुम्बई )कलकत्ता , मद्रास ( चेन्नई ) याद आया आपको भी कुछ ? आजकल नाम बदलने का फैशन है इस जगह की ऐतिहासिक महत्ता है । पहले एक छोटे गांव मद्रासपटटनम को जिसे ईस्ट इंडिया कंपनी वालो ने यहां पर किला और चौकियो में बदल दिया । उन्होने इसे अपनी प्रशासकीय और व्यापारिक राजधानी बनाया । इस शहर में यूं तो घूमने लायक काफी कुछ है पर हमारे पास लगभगर चार पांच घंटे थे तो हमने यहां की कुछ मुख्य जगहो पर जाने की सोची
![]() |
पार्थ सारथी मंदिर का प्रवेश द्धार |
![]() |
सामने है दिख रहा समुद्र |
। पार्थ सारथी मंदिर से पहले एक रथ भी रखा हुआ था बिलकुल मंदिर का प्रतिरूप जिसे देखकर लग रहा था कि इससे रथयात्रा निकलती होगी और ये साल में एक बार काम आता होगा । मंदिर के बाहर फूल मालाये और तुलसी के पत्तो की मालाये बिक रही थी क्योंकि विष्णु जी को तुलसी प्रिय बतायी जाती है । शायद इसीलिये यहां पर ये मालाये थी । अंदर मंदिर में भी अलग लाइन और टिकट वाली लाइन थी । अब हमारा पाला दक्षिण भारत से पडा था यहां तो सीधा हिसाब है कि अगर आपको समय कम लगाना है तो आपको टिकट लेना ही होगा नही तो आ जाओ आम जन वाली लाइन से । हमने तो यहां भी बीस रूपये का टिकट ले लिया और तुरंत दर्शन कर आये यहां से बाहर निकलकर हमने एक दुकान पर गर्मी के मारे ठंडा पूछा तो उसने हमे बताया कि दूध् की बोतल पीकर देखिये हमने एक एक ले ली । क्या स्वाद था बस पूछिये मत फिर सबको बुलाकर पिलाई और सबको पसंद आयी उस समय वो पन्द्रह या सोलह रूपये की थी और वो दुकानदार नही बनाता था बल्कि वहीं की कोई कम्पनी थी जो सब जगह सप्लाई करती थी । यहां से निकलकर हमें आटो वाला थोडी ही दूर पर चेन्नई के मरीना बीच ले गया
![]() |
समुद्र के पास एक फोटो |
शाम का समय हो रहा था और सामने स्टेडियम की लाइटे भी जल चुकी थी बीच के पास से सडक जा रही थी पर उसकी हदबंदी की हुई थी और ये एक बढिया जगह बन गयी थी फोटो खिंचाने के लिये । सडक से बीच तक बस रेत ही रेत था और काफी दूर बीच था । बीच पर जाकर मस्ती का माहौल मिला । यहां शहर के प्रेमी जोडो की संख्या काफी होती है जो दिल्ली के पुराने किले की तरह किसी भी शर्मो हया से परे मगन रहते हैं । खैर हमें तो बीच देखना था और घूमना था सेा हम तो किनारे किनारे चलते रहे । नहाने के लिये तो ज्यादा खास बढिया बीच नही था ये क्योंकि लहरे काफी तेज थी । फिर भी उत्साही लोगो की कमी नही थी और हमें भी उन्हे देखने में मजा आ रहा था । अभी हमारे सफर में इतनी जगह समुद्र आना था कि हमें ये चिंता भी नही थी कि हम यहां क्यों नही नहाये ?
![]() |
शाम के समय समुद्र का नजारा |
![]() |
बीच पर रेत का नजारा और स्टेडियम |
![]() |
अब तो चांद भी निकल आया है |
![]() |
एक फोटो चांद के साथ भी हो जाये |
![]() |
चेन्नई का एगमोर स्टेशन |
इसके बाद आटो में बैठकर हम लोग चेन्नई एगमोर स्टेशन पर पहुंचे । चेन्नई में एक और स्टेशन सैंट्रल भी है । एगमोर से ही हमें रामेश्वरम के लिये गाडी पकडनी थी और ये लगभग रात के 11 बजे थी इसीलिये हम आराम से घूम घाम कर आये थे । यहां आने के बाद हम लोगो ने तय किया कि प्लेटफार्म पर सामान रखकर चार लोग एक बार और चार एक बार जाकर खाना खाकर आ जायेंगे । स्टेशन के सामने काफी सारे रैस्टोरेंट बने हुए थे पर किसी पर भी रोटी की सुविधा नही थी । यहां पर हमने 40 रू में डोसा खाकर काम चलाया और इसके बाद अगले चार आदमियो को खाना खाने के लिये भेज दिया । वैसे यहां पर शाकाहारी लोगो को दिक्कत नही है बस उन्हे ये दिक्कत ना हो कि वे चावल या फिर डोसा जैसी सब्जी ना खा सकते हों । बाकी केवल रोटी यानि चपाती की दिक्कत होती है । रात के करीब 11 बजे ट्रेन मे बैठकर हम रामेश्वरम के लिये चल दिये ।
अगली पोस्ट में रामेश्वरम की यात्रा
मद्रास के समुन्द्र तट देख व लेख पढ आन्नद आया,
ReplyDeleteरामेश्वरम की ज्यादा उत्सुकता है।
राम राम जी, चेन्नई रेलवे स्टेशन पर एक बार हम लोग १२ घंटे फंसे रहे थे. समुन्द्र के फोटो बहुत आकर्षक हैं... धन्यवाद, वन्देमातरम...
ReplyDeleteयात्रा रोमांचित कर गया भाई ।
ReplyDeleteसुन्दर और पूज्य ।सादर नमन ।।
ReplyDeleteइस बार बहुत अच्छे चित्र है मनुजी . चेनई का मरीना बीच भारत का सबसे बड़ा अर्बन बीच है और दुनिया में दुसरे नंबर का . इस की लम्बाई १३ किमी है .
ReplyDeleteहम तो भाई अब तक समुद्र नहीं देख पाये हैं, यहीं चित्र देखकर आनंद आ रहा है:)
ReplyDeleteत्यागी जी, बहुत गंदा बीच है न मरीना बीच !
ReplyDeleteबहुत सुन्दर प्रस्तुति!
ReplyDeleteआपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (13-10-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!
भाई साहब गेस्ट पोस्ट पर आपकी द्रुत टिपण्णी के लिए आभार .
ReplyDeleteवाह दोस्त आपकी आँख से एक मर्तबा फिर चेन्नई देख लिया आई आई टी चेन्नई प्रवास की यादें ताज़ा हो गईं .खूब सूरत छायांकन ,वर्रण .
आप अच्छा लिखते हैं , आपको शुभकामनायें !
ReplyDeletemain bhi gaya tha chennai ke marina beach or chennai egmore station bahut badhiya safar tha hamara
ReplyDeleteNice!
ReplyDelete